आरव का परिवार धनबाद के दुहातांड़ बनकाली मंदिर के पास रहता है. आरव ने पहली बार दुनिया में आंखें खोलीं तभी से उसकी तबीयत बेहद खराब थी. जन्म के तीसरे महीने में ही पता चल गया कि उसे असाध्य बीमारी है. डॉक्टरों ने कह दिया कि लीवर ट्रांसप्लांट कराये बगैर बच्चे की जान बचानी मुश्किल है. खर्च बताया गया 25 लाख. गरीब परिवार के पांवों के नीचे की जमीन खिसक गयी.
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