विश्व आज ‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस’ मना रहा है. जब पूरी दुनिया से बाघों की गणना कम होती जा रही थी, ये विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए थे, तो सबसे पहले भारत ही दुनिया का वह देश रहा, जिसने पर्यावरणीय चक्र में जीवों के महत्व को रेखाकिंत करते हुए इस बात पर गहराई से जोर दिया कि प्रकृति के सफल चक्र के लिए हर जीव का अपना महत्व है और उसका जीवन एवं अस्तिस्त बेहद जरूरी है.
...