बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी लड़की की लड़के से दोस्ती करने को यौन संबंध की सहमति नहीं माना जा सकता है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि, सिर्फ इसलिए कि किसी लड़के के साथ किसी लड़की के दोस्ताना संबंध है, वह लड़के को लड़की की सहमति के तौर पर शारीरिक संबंध बनाने की अनुमति नहीं देता है.
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