लगभग 50 लाख रुपये की लागत से प्रसिद्ध चापेकर वाडा के पुनर्निर्माण के 15 वर्षो के बाद भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के अल्पज्ञात या भूले-बिसरे नायकों को समर्पित संग्रहालय का अगला चरण यहां आएगा. चापेकर स्मारक समिति (सीएसएस) के सदस्य और 2021 पद्म श्री पुरस्कार विजेता, गिरीश प्रभुने ने कहा कि इस संग्रहालय का एक भाग तैयार है,
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