चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) प्रोग्राम के जरिए देशभर की शिक्षण संस्थाओं में 85,000 इंजीनियर, मास्टर्स और पीएचडी स्तर के छात्र तैयार किए जा रहे हैं, जो चिप डिजाइन में विशेषज्ञता प्राप्त करेंगे. बयान में कहा गया है कि मजबूत 'फैबलेस क्षमता' यानी 'खुद की डिजाइन और तकनीक वाली क्षमता' के बिना देश विदेशी तकनीक पर निर्भर रहता है.
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