एफटीआईआईएसए ने कहा, हालांकि, बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री बमुश्किल उस तरह की हिंसा की सतह को खरोंचती है, जो एक समर्पित, विलक्षण, शातिर उद्देश्य के लिए पूरे देश में कायम है. अगर भारत में कोई भी इस डॉक्यूमेंट्री में होने वाली घटनाओं से हैरान है तो यह हमारे लिए चौंकाने वाली बात होगी.
...