हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि इस अदालत का विचार है कि आपराधिक कार्यवाही जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा. परिणामस्वरूप, आक्षेपित आदेश के साथ-साथ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126(1)(बी) के तहत विद्वान सीजेएम, कामरूप (एम) की अदालत में लंबित पूरी कार्यवाही, एतद्द्वारा निरस्त की जाती है.
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