माननीय प्रधानाचार्य, सम्मानित अध्यापक, एवं मित्रों.. आज जब हम सब अपने गणतंत्र दिवस की 72वीं वर्षगाँठ मना रहे हैं, मुझे यह परम सौभाग्य का अवसर मिला है कि आपके समक्ष अपनी बात रख सकूँ, परम सौभाग्य इसलिए कि लगभग 15 साल पहले मैं भी आपकी तरह इसी स्कूल का छात्र था, इसी प्रांगण में ना जाने कितने समारोहों में आपकी तरह हिस्सा लेता था.
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