इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि लिव-इन रिलेशनशिप को अवैध नहीं कहा जा सकता और शादी के बंधन में बंधे बिना किसी के साथ रहना कोई अपराध नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हर नागरिक की जान और स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है.
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