लाहाबाद उच्च न्यायालय ने चचेरी बहन से दुष्कर्म करने के दोषी एक व्यक्ति को इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया कि इस तरह के अपराध सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर देते हैं. याचिकाकर्ता देवेश की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पीलीभीत जिले के न्यायमूर्ति अनिल कुमार ओझा ने कहा कि यह एक स्वीकृत स्थिति है कि अपीलकर्ता और पीड़ित भाई-बहन (चचेरे भाई और बहन) हैं.
...