पूरे यूरोप में संक्रमण के मामलों और अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की संख्या में कमी आ रही है और मरीजों की मौत भी घट रही है. पिछले साल पतझड़ और शीतकाल में दुनिया भर में सबसे ज्यादा मरीज यहीं सामने आए और इस ख़तरनाक वायरस की वजह से लाखों लोगों की जिंदगी छिन गई.
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