भोपाल के एक निजी अस्पताल में 12 दिसंबर को कोरोना वायरस के स्वदेशी टीके ‘कोवैक्सीन’ के क्लीनिकल परीक्षण में शामिल 42 वर्षीय एक व्यक्ति की नौ दिनों बाद मौत हो गई. हालांकि, चिकित्सकों को संदेह है कि उसकी मौत शरीर में जहर फैलने की वजह से हुई होगी. प्रारंभिक समीक्षा में पता चला है कि यह व्यक्ति की मौत कोवैक्सीन से संबंधित नहीं है.
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