केरल के अलप्पुझा जिले के देवीकुलंगारा गांव में 91 वर्षीय थंगम्मा एक अस्थायी गुमटी पर सुबह पांच बजे चाय बनाने के साथ रोजी-रोटी कमाने के लिए रोज़मर्रा के अपने संघर्ष की शुरुआत करती हैं. उनके इस प्रयास में उनकी बेटी वसंतकुमारी (68) उनकी सहायता करती हैं.
...