नियति कब किसी व्यक्ति को कहां ले जाए इसका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता. झारखंड के दुमका के रहने वाले दीपक देहरी के लिए यह कथन सच साबित हुआ है. दीपक पांच साल की उम्र में अपने परिवार से बिछड़ गए थे और अब 13 साल बाद दोबारा परिवार से मिल पाए हैं. बचपन में परिवार से बिछड़ने के बाद दीपक ने अपने गांव से करीब 1700 किलोमीटर दूर राजस्थान के बीकानेर में स्थित एक बाल गृह में रहकर 13 साल बिताए.
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