मासिक एसआईपी योगदान दिसंबर में 11,305 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर में 11,005 करोड़ रुपये था. साथ ही एसआईपी या सिप खातों की संख्या 4.78 करोड़ से बढ़कर 4.91 करोड़ पहुंच गयी. एम्फी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन एस वेंकटेश ने कहा, ‘‘एसआईपी आम आदमी के लिये निरंतर निवेश और बचत के अनुशासित तरीके का पसंदीदा माध्यम रहा है. यह बढ़ते खातों की संख्या से स्पष्ट है.’’
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