हर वायरस शरीर में अपनी प्रति (कॉपी) बनाने के दौरान बदलाव करता है, लेकिन उसकी प्रतियों में खामियां होती हैं और वायरस की हर प्रति उसकी सटीक प्रति नहीं हो सकती हैं. कोई भी बदलाव ‘म्यूटेशन’ कहलाता है तथा वायरस के स्वरूप में छोटा या बड़ा हो सकता है. एक वायरस में ऐसे बड़ी संख्या में बदलाव होते हैं.
...