इन विचारों को कैसे बदला जा सकता है, इस बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि आदर्श तौर पर तो लोगों के साथ बैठकर, उन्हें सुनकर और फिर चर्चा कर ऐसा किया जाना चाहिए. वास्तव में जनस्वास्थ्य अभियानकर्ताओं के पास केवल सामूहिक संदेश उपलब्ध हैं, टीवी पर और सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित कर तथा होर्डिंग के माध्यम से जानकारियों को प्रचारित करना.
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