इसी प्रकार राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में जलने के 23 मरीज आए जिनमें से 19 पटाखों से जले थे जबकि बाकी दिये से जले थे. इनमें से दो मरीजों को भर्ती किया गया है. आरएमएल अस्पताल के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ.मनोज झा ने बताया, ‘‘अधिकतर मामलों में चेहरा और हाथ जला है. इनमें बच्चों की संख्या अधिक है.
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