नन्द, अजिता, अपराजिता, भद्रा, रिक्त, जया, शुक्ल, पूर्णा और सौभाग्यनी नामक सभी नौ शिलाएँ स्थापित की गई. इसके बाद कूर्म या चांदी का कछुआ, नाग, नागिन, नवरत्न जड़ित कमल का फूल, बकुल के पेड़ की जड़ों से बने गुच्छों और चांदी के फूलदान को भी स्थापित किया गया.
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