AIIMS भोपाल की स्टडी: भरपूर नींद न केवल इम्यूनिटी बढ़ाती है, बल्कि कैंसर के खतरे को भी करती है कम

एम्स भोपाल के एक हालिया अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पर्याप्त नींद लेना सिर्फ थकान दूर करने का साधन नहीं है, बल्कि यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

भोपाल: स्वास्थ्य और जीवनशैली को लेकर हुए एक महत्वपूर्ण शोध में एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) के वैज्ञानिकों (Scientists) ने चौंकाने वाले तथ्य साझा किए हैं. अध्ययन (Study)  के अनुसार, नियमित और पर्याप्त नींद (Regular And Sufficient Sleep)  न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करती है, बल्कि यह कैंसर (Cancer) के जोखिम को कम करने में भी निर्णायक भूमिका निभाती है. अंतरराष्ट्रीय जर्नल (International Journal) में प्रकाशित यह शोध बताता है कि नींद की कमी और कैंसर के बीच सीधा संबंध है. यह भी पढ़ें: E. Coli Infection: ई.कोलाई इन्फेक्शन क्या है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

बायोलॉजिकल क्लॉक और कैंसर का कनेक्शन

एम्स भोपाल के बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में कहा गया है कि मानव शरीर एक प्राकृतिक चक्र पर चलता है, जिसे 'सर्केडियन रिदम' (Circadian Rhythm) कहा जाता है.

अध्ययन के अनुसार, 'देर रात तक जागना, नाइट शिफ्ट में काम करना, मोबाइल स्क्रॉलिंग और खान-पान का अनियमित समय शरीर की इस जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) को बिगाड़ देता है. इससे हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है, जिससे शरीर में कैंसर कोशिकाओं को पनपने और फैलने का अवसर मिल जाता है.'

नींद की कमी से कमजोर होती है इम्यूनिटी

रिसर्च स्पष्ट करता है कि जब हमारी नींद का चक्र बाधित होता है, तो बीमारियों से लड़ने की शरीर की क्षमता कम हो जाती है. बाधित बायोलॉजिकल क्लॉक के कारण:

भविष्य का इलाज: पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट

शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में कैंसर का उपचार अधिक 'पर्सनलाइज्ड' होगा. इसमें केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय मरीज की नींद के पैटर्न और उसकी जैविक घड़ी को भी उपचार का हिस्सा बनाया जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर भोजन और संतुलित जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है. यह भी पढ़े: Digital Dementia: भूलने की आदतों का नया नाम 'डिजिटल डिमेंशिया', बढ़ा रही मस्तिष्क की थकान और तनाव

विशेषज्ञों की सलाह: मोबाइल से बनाएं दूरी

एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. माधवानंद ने इस शोध को आम जनता के लिए एक चेतावनी और मार्गदर्शन बताया है. उन्होंने सलाह दी है कि:

यह शोध स्पष्ट करता है कि पर्याप्त नींद लेना विलासिता नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है.

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