Mahavir Jayanti 2026 Messages: हैप्पी महावीर जयंती! प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर श्रद्धालु प्रभातफेरी और पालकी यात्राएं निकाल रहे हैं. इस डिजिटल युग में आप अपनों को महावीर जयंती पर शांति और सद्भाव का संदेश भेज सकते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए प्रियजनों को हैप्पी महावीर जयंती कह सकते हैं.
Mahavir Jayanti 2026 Messages In Hindi: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव, जिसे 'महावीर जयंती' (Mahavir Jayanti) के रूप में जाना जाता है, इस साल 31 मार्च 2026 को देशभर में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान महावीर (Bhagwan Mahavir) का जन्म हुआ था. शांति, अहिंसा और अपरिग्रह का मार्ग दिखाने वाले वर्धमान का यह पर्व केवल जैन समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
भगवान महावीर का जन्म वैशाली के क्षत्रिय कुंडलपुर के राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर हुआ था. बचपन में उन्हें 'वर्धमान' के नाम से पुकारा जाता था. राजसी सुख-सुविधाओं के बीच पले-बढ़े वर्धमान 30 वर्ष की आयु में संसार से विरक्त हो गए और सत्य की खोज में संन्यास ले लिया. 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद उन्हें 'कैवल्य ज्ञान' (आत्मज्ञान) की प्राप्ति हुई, जिसके बाद वे 'महावीर' कहलाए.
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर श्रद्धालु प्रभातफेरी और पालकी यात्राएं निकाल रहे हैं. इस डिजिटल युग में आप अपनों को महावीर जयंती पर शांति और सद्भाव का संदेश भेज सकते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए प्रियजनों को हैप्पी महावीर जयंती कह सकते हैं.
भगवान महावीर ने दुनिया को पांच मूलभूत सिद्धांतों की शिक्षा दी, जिन्हें जैन धर्म में 'पंचशील' कहा जाता है:
अहिंसा: किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से कष्ट न पहुंचाना.
सत्य: हमेशा सत्य बोलना और सत्य का साथ देना.
अस्तेय (अचौर्य): चोरी न करना और बिना अनुमति किसी की वस्तु न लेना.
ब्रह्मचर्य: इंद्रियों पर संयम रखना.
अपरिग्रह: अनावश्यक वस्तुओं का संचय न करना.
महावीर जयंती के अवसर पर जैन मंदिरों में विशेष अभिषेक और पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन श्रद्धालु सुबह-सुबह प्रभातफेरी निकालते हैं और बैंड-बाजों के साथ भगवान महावीर की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाती है. 72 वर्ष की आयु में पावापुरी में मोक्ष प्राप्त करने वाले भगवान महावीर ने केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि मिट्टी, पानी, अग्नि, वायु और वनस्पति जैसे सूक्ष्म जीवों के प्रति भी अहिंसा और मित्रता का भाव रखने की शिक्षा दी.