Maha Saptami 2025 Wishes: महा सप्तमी के इन मनमोहक हिंदी WhatsApp Status, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए दें शुभकामनाएं
नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि को महा सप्तमी और शुभो सप्तमी कहा जाता है. 29 सितंबर 2025 को महा सप्तमी तिथि है, जो दुर्गा पूजा का दूसरा दिन है. ऐसे में आप इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए महा सप्तमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Maha Saptami 2025 Wishes in Hindi: मां दुर्गा (Maa Durga) की उपासना के नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) की पूरे देश में धूम मची हुई है, जिसकी शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हुई है, जबकि 28 सितंबर 2025 से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा (Durga Puja) की भव्य शुरुआत हो चुकी है. मां दुर्गा की उपासना के इस पावन पर्व का समापन 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी (Vijayadashami) के साथ होगा. इस दिन जहां रावण के पुतले को जलाकर दशहरे का त्योहार मनाया जाता है तो वहीं महिषासुर पर मां दुर्गा की जीत की खुशी में विजयादशमी मनाई जाती है और इसी दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है. पांच दिवसीय दुर्गा पूजा की पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्यों में अलग ही धूम देखने को मिलती है. यहां इस उत्सव को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है.
नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि को महा सप्तमी और शुभो सप्तमी कहा जाता है. 29 सितंबर 2025 को महा सप्तमी तिथि है, जो दुर्गा पूजा का दूसरा दिन है. ऐसे में आप इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए महा सप्तमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
गौरतलब है कि शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन और दुर्गा पूजा के दूसरे दिन का विशेष महत्व है. इस उत्सव को बंगाली समुदाय के लोग जहां हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं तो वहीं देश के विभिन्न हिस्सों में शारदीय नवरात्रि के हर एक दिन भक्त पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना करते हैं. कई लोग जहां नौ दिनों तक व्रत रखकर देवी दुर्गा की पूजा करते हैं तो वहीं कई लोग पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं. नौ दिवसीय इस उत्सव के दौरान जगह-जगह डांडिया, गरबा और रामलीलाओं का आयोजन किया जाता है.