Ganesh Chaturthi 2025 Sanskrit Wishes: गणेशोत्सवस्य हार्दिक्यः शुभकामनाः संस्कृत के इन Shlokas, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए दें बधाई
गणेश चतुर्थी के दिन भक्त जोश और उत्साह के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित करते हैं, फिर पूरे दस दिनों तक गणेश जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को गणेशोत्सवस्य हार्दिक्यः शुभकामनाः कहकर बधाई दे सकते हैं.
Ganesh Chaturthi 2025 Sanskrit Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को प्रथम पूजनीय भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) के जन्मोत्सव के तौर पर गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) को विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) और गणेश चौथ (Ganesh Chauth) के नाम से भी जाना जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, इस साल 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है और इसी के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो रही है. दरअसल, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तक, गणेशोत्सव (Ganeshotsav) का पर्व पूरे दस दिनों तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, फिर अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) के दिन गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ इस पर्व का समापन होता है.
गणेश चतुर्थी के दिन भक्त जोश और उत्साह के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित करते हैं, फिर पूरे दस दिनों तक गणेश जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को गणेशोत्सवस्य हार्दिक्यः शुभकामनाः कहकर बधाई दे सकते हैं.
भावार्थ: जो एक दांत से सुशोभित हैं, विशाल शरीरवाले हैं, लम्बोदर हैं, गजानन हैं तथा जो विघ्नों के विनाशकर्ता हैं, मैं उन दिव्य भगवान हेरम्ब को प्रणाम करता हूं.
गणेश चतुर्थी 2025 (Photo Credits: File Image)
2- वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ॥
भावार्थ: हे गज के समान विशालकाय, आपका तेज सूर्य की सहस्त्र किरणों के समान है. हे देव, बिना विघ्न मेरे कार्य पूर्ण हों और सदा ही आप मेरे लिए शुभ हों, ऐसी कामना है.
गणेश चतुर्थी 2025 (Photo Credits: File Image)
3- त्रिलोकेश गुणातीत गुणक्षोम नमो नमः।
त्रैलोक्यपालन विभो विश्वव्यापिन् नमो नमः॥
भावार्थ: हे त्रैलोक्य के भगवान! हे गुणी! हे मेधावी! आपको बार-बार नमस्कार। हे त्रिभुवन पालक! हे विश्वव्यापी! आपको बार-बार नमस्कार.
भावार्थ: विघ्नेश्वर, वर देनेवाले, देवताओं के प्रिय, लम्बोदर, कलाओं से परिपूर्ण, जगत का हित करनेवाले, गज के समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वती पुत्र को नमस्कार है, हे गणनाथ! आपको नमस्कार है.
भावार्थ: जो पार्वती जी को पुत्र रूप से आनंद प्रदान करते और भगवान शिव का भी आनंद बढ़ाते हैं, उन भक्तानन्दवर्धन मयूरेश गणेश को मैं नित्य नमस्कार करता हूं.
गणेश चतुर्थी 2025 (Photo Credits: File Image)
हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के लाड़ले पुत्र भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि-समृद्धि का देवता माना जाता है. किसी भी नए कार्य या मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले भक्त भगवान गणेश की पूजा करते हैं. गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा के आगमन के साथ ही लोग नए कार्यों की शुरुआत भी करते हैं. ऐसी मान्यता है कि जो लोग गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना करके विधि-विधान से उनकी उपासना करते हैं, उनकी हर मनोकामना पूरी होती है और गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.