World AIDS Day 2023: कब और क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स दिवस? जानें इसका महत्व, इतिहास एवं कैसे रहें इससे सुरक्षित!
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World AIDS Day 2023: एड्स एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जो संक्रामक होती है. एड्स के कारण दुनिया भर में लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. शोध विशेषज्ञों के अनुसार ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के कारण होने वाले एक्वायर्ड इम्यून डिफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) के बारे में जागरूकता फैलाने और इससे पीड़ितों का सहयोग एवं समर्थन करने के लिए 01 दिसंबर को दुनिया भर में विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है. इस बीमारी की विभीषिका के कारण अधिकांश लोग इससे परिचित हो चुके हैं, लेकिन इसकी प्रसार वेग क्षमता को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच जागरूकता फैलाना आवश्यक है. आइये जानते हैं इस रोग की विभीषिका, इस दिवस का इतिहास और इससे सुरक्षित रहने के संदर्भ में कुछ आवश्यक जानकारियां इत्यादि. यह भी पढ़े: World AIDS Day 2022 HD Images: विश्व एड्स दिवस पर शेयर करें ये जागरुकता फैलाने वाले WhatsApp Stickers, Messages, Wallpapers और SMS

विश्व एड्स दिवस का महत्व:

कई सालों से विश्व भर में एड्स दिवस मनाया जा रहा है. शोधकर्ताओं और इस रोग के विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यह लाइलाज एवं जानलेवा बीमारी है. ऐसी स्थिति में लोगों को इस असाध्य बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए इस दिवस का आयोजन आवश्यक हो जाता है. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य  दुनियाभर से इसे जड़ से खत्म करना, और इसके प्रसार पर नियंत्रण रखना है. इस दिशा में दुनिया के हर देश की सरकारों को इस बीमारी के लिए दवाइयों और मौतों की संख्या को कम करना है, ताकि सरकार और एड्स विशेषज्ञ इस बीमारी से सजग रहें और उपचार के तरीकों का हल निकालें. विश्व एड्स दिवस खुली बातचीत, गलत धारणाओं को चुनौती देने और प्रभावित लोगों के लिए अधिक सहायक वातावरण को बढ़ावा देने को प्रोत्साहित करता है.

पहली बार कब मनाया गया एड्स दिवस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थानीय एवं राष्ट्रीय अधिकारियों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों एवं नागरिकों के बीच एड्स संबंधित जानकारियों को साझा करने के लिए पहली बार 01 दिसंबर 1988 को विश्व एड्स दिवस की स्थापना की. साल 1988 में जब पहला एड्स दिवस मनाया गया, तो बताया जाता है कि उस समय लगभग 90 हजार से डेढ़ लाख लोग एचआईवी पॉजिटिव थे, जिसकी वजह से चिकित्सा जगत में कोहराम मचा हुआ था. परिणामस्वरूप, एड्स जागरूकता आंदोलनों ने एचआईवी/एड्स के बारे में समाज को शिक्षित एवं जागरूक करने के लिए वैश्विक संगठनों को एकजुट करने और वित्त पोषण करने पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया.

इस तरह आप एड्स से सुरक्षित रह सकते हैं

* एचआईवी मानव शरीर के बाहरी हिस्सों पर ज्यादा समय तक जीवित नहीं रहता है. लेकिन संक्रमित व्यक्ति के रक्त से बचने की कोशिश करनी चाहिए.

* संक्रमित व्यक्ति को काटने वाले मच्छरों अथवा अन्य कीड़ों के काटने से एचआईवी संक्रमित हो सकता है. इनके लार अथवा रक्त के माध्यम से एचआईवी आप तक पहुंच सकता है. इनसे बचने की कोशिश करनी चाहिए.

* संक्रमित व्यक्ति के साथ भोजन, कपड़े अथवा बिस्तर साझा करने से भी एचआईवी फैल सकता है.

* संक्रमित व्यक्ति के साथ ओरल सेक्स, हस्तमैथुन अथवा चुंबन से भी एचआईवी संक्रमित हो सकता है.

* एचआईवी संक्रमित मां को अपने बच्चों को स्तनपान नहीं कराना चाहिए तथा बच्चे से जितना समय हो दूर रहना चाहिए.