Air India Ticket Price Hike: युद्ध का असर, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सफर हुआ महंगा; एयर इंडिया ने बढ़ाए फ्यूल सरचार्ज, 8 अप्रैल से नई दरें लागू
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Air India Ticket Price Hike: विमान ईंधन (ATF) की वैश्विक कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए एयर इंडिया ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) में संशोधन की घोषणा की है. एयरलाइन के अनुसार, नई दरें बुधवार, 8 अप्रैल से प्रभावी होंगी. इस कदम के बाद यात्रियों को अब अपनी हवाई टिकटों के लिए पहले से अधिक जेब ढीली करनी होगी.

घरेलू रूट पर दूरी के आधार पर लगेगा शुल्क

एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्लैट सरचार्ज की व्यवस्था को खत्म कर अब 'दूरी-आधारित' (distance-based) ढांचा अपनाने का फैसला किया है. अब यात्रियों को सफर की दूरी के हिसाब से भुगतान करना होगा:  यह भी पढ़े:  क्या ईरान युद्ध से पश्चिम एशिया में शुरू हो जाएगी परमाणु हथियार बनाने की होड़?

  • 500 किमी तक की उड़ान: 299 रुपये सरचार्ज.

  • 2,000 किमी से अधिक की दूरी: 899 रुपये तक का सरचार्ज.

सरकार द्वारा घरेलू विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि की सीमा 25 प्रतिशत पर सीमित रखने के फैसले के बावजूद, एयरलाइन ने लागत के बोझ को कम करने के लिए यह बदलाव किया है.

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी भारी असर

अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर एटीएफ कीमतों के लिए कोई सरकारी नियंत्रण न होने के कारण एयर इंडिया ने इन रूटों पर अधिक सख्त संशोधन लागू किए हैं. अंतरराष्ट्रीय सरचार्ज क्षेत्र के आधार पर तय किए गए हैं:

  • सार्क देश (SAARC): $24 से शुरू (बांग्लादेश को छोड़कर).

  • यूरोप: $205 का सरचार्ज.

  • उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया: $280 तक का सरचार्ज.

आसमान छूती ईंधन की कीमतें और चुनौतियां

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एयर इंडिया ने बताया कि मार्च के अंत तक वैश्विक जेट ईंधन की कीमतें 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. फरवरी के अंत में यह कीमतें 99.40 डॉलर थी, जिसका मतलब है कि कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में वृद्धि ने एयरलाइंस के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल पैदा कर दिया है.

पहले से बुक टिकटों पर राहत

एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने 8 अप्रैल से पहले टिकट बुक कर ली हैं, उन पर नया सरचार्ज लागू नहीं होगा. हालांकि, अगर यात्री अपनी यात्रा योजना में बदलाव करते हैं और टिकट दोबारा जारी की जाती है, तो नई दरों के आधार पर किराए की गणना की जाएगी.

एयर इंडिया का कहना है कि इस संशोधन के बावजूद, वह बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है और यात्रियों पर सारा बोझ नहीं डाला गया है. इससे पहले इंडिगो जैसी अन्य एयरलाइंस भी बढ़ती लागत के कारण ईंधन शुल्क में बढ़ोतरी कर चुकी हैं.