Ram Rahim Parole: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर मिली पैरोल, 30 दिनों के लिए जेल से आए बाहर; VIDEO
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Gurmeet Ram Rahim Granted Parole: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से 30 दिनों की नियमित पैरोल मिलने के बाद रोहतक की सुनारिया जेल से रिहा कर दिया गया है. जेल परिसर के बाहर सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच डेरा प्रमुख को जेल से बाहर ले जाया गया. साल 2020 के बाद से यह 16वीं बार है जब राम रहीम को अस्थायी रूप से जेल से रिहा किया गया है.

सोशल मीडिया (X) पर वीडियो हुआ वायरल

राम रहीम के सुनारिया जेल से बाहर निकलने का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में भारी सुरक्षा घेरे और पुलिस वाहनों के काफिले के बीच डेरा प्रमुख को जेल के मुख्य गेट से बाहर निकलते और गाड़ी में बैठते हुए देखा जा सकता है. जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और इस दौरान उनके समर्थकों की हलचल भी देखने को मिली.  यह भी पढ़े:  Ram Rahim Gets Furlough: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर फिर मेहरबान हुई हरियाणा सरकार, 13वीं बार मिली फरलो

गुरमीत राम रहीम को फिर मिली पैरोल

साल 2026 का पैरोल कोटा हुआ पूरा

जेल अधिकारियों के अनुसार, इस ताजा 30 दिनों की रिहाई के साथ ही राम रहीम का कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए अधिकतम 10 सप्ताह की नियमित पैरोल का कोटा पूरी तरह से समाप्त हो गया है. इससे पहले इसी साल जनवरी में उन्हें 40 दिनों की पैरोल दी गई थी. हरियाणा अच्छे आचरण वाले कैदी (अस्थायी रिहाई) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत, दोषी सालाना 10 सप्ताह की पैरोल के हकदार हैं, जिसे अधिकतम दो भागों में लिया जा सकता है.

सजा और जेल से बाहर बिताए दिन

गुरमीत राम रहीम सिंह को 2017 में एक विशेष सीबीआई अदालत ने दो महिला शिष्यों के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया था और वह वर्तमान में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है. अपनी आठ साल और आठ महीने की कैद के दौरान, राम रहीम पैरोल और फर्लो के विभिन्न संयोजनों के माध्यम से कुल 406 दिन सुनारिया जेल की दीवारों से बाहर बिता चुका है. कानूनी नियमों के मुताबिक, फर्लो के विपरीत पैरोल पर जेल से बाहर बिताई गई अवधि कैदी की कुल सजा की अवधि में नहीं गिनी जाती है.

हत्या के मामलों में हाई कोर्ट से मिली बरी

डेरा प्रमुख को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामलों में पहले उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, हाल ही में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उन्हें इन दोनों मामलों में बरी कर दिया है, जिसमें सबसे ताजा बरी होने का फैसला मार्च 2026 में आया था.

फैसले पर राजनीतिक और सार्वजनिक नजरें

अतीत की तरह, इस बार भी इस प्रभावशाली संप्रदाय के नेता को नियमित रूप से अस्थायी रिहाई देने के राज्य सरकार के फैसले पर जनता और राजनीतिक हलकों की करीबी नजर है. हालांकि, राज्य सरकार के अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से स्थापित वैधानिक दिशानिर्देशों और कैदियों के कानूनी अधिकारों के तहत की गई है.