देश

Mann Ki Baat: पीएम मोदी 28 जून को 'मन की बात' कायर्क्रम के तहत लोगों से होंगे रूबरू

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीनें की आखिरी रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के तहत देशवासियों से रूबरू होते हैं. इसी कड़ी के तहत पीएम मोदी इस बार 28 जून को 'मन की बात' कार्यक्रम के तहत अपना 66वां एपिसोड लेकर जनता के सम्मुख प्रस्तुत होंगे.

Mann Ki Baat: पीएम मोदी 28 जून को 'मन की बात' कायर्क्रम के तहत लोगों से होंगे रूबरू
पीएम मोदी मन की बात करते हुए | फाइल फोटो | (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) हर महीनें की आखिरी रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के तहत देशवासियों से रूबरू होते हैं. इसी कड़ी के तहत पीएम मोदी इस बार 28 जून को 'मन की बात' कार्यक्रम के तहत अपना 66वां एपिसोड लेकर जनता के सम्मुख प्रस्तुत होंगे. बता दें इस रेडियो कार्यक्रम को पहली बार 3 अक्टूबर, 2014 में शुरू किया गया था, जब पीएम मोदी पहली बार सत्ता में आए थे. 'मन की बात' के लिए आप अपने बहुमूल्य सुझाव, टोल फ्री नंबर 1800-11-7800 पर रिकॉर्ड करा सकते हैं, या फिर, MyGov फोरम पर या NaMo एप पर भी लिख सकते हैं.

इससे पहले पीएम मोदी ने मन की बात' कार्यक्रम के 65वें एपिसोड में जनता से रूबरू होते हुए कहा कि, ''कोरोना के प्रभाव से हमारी मन की बात भी अछूती नहीं रही. पिछली मन की बात की समय पैसेंजर ट्रेन, बसें, हवाई सेवा बंद थी. इस बार काफी कुछ खुल चुका है. पीएम मोदी ने कहा, ''तमाम सावधानियों के साथ, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं, धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है, यानी, अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है, खुल गया है. ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है.

यह भी पढ़ें- कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का पीएम मोदी पर निशाना, कहा- गाड़ी के चार पहिये होते है उनके बिना गाड़ी नहीं चलती

पीएम मोदी ने कहा, ''देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है. हमारी जनसंख्या ज्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है, फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल सका, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला.

अन्य देशों की तुलना में भारत में नुकसान कम-

पीएम ने कहा, ''कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है. जो नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है. लेकिन जो कुछ भी हम बचा पाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है. पीएम ने कहा, ''देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है और वो है- देशवासियों की सेवाशक्ति."

पीएम ने कहा, ''हमारे डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है. मन की बात में भी मैंने उसका जिक्र किया है. सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है."

यह भी पढ़ें- Bihar Assembly Elections 2020: बिहार में प्रधानमंत्री मोदी की पाती लेकर घर-घर पहुंचे भाजपा नेता

संकट की इस घड़ी में इनोवेशन-

पीएम मोदी ने कहा, ''एक और बात जो मेरे मन को छू गई, वो है संकट की इस घड़ी में innovation, गांवों से लेकर शहरों तक, छोटे व्यापारियों से लेकर startup तक, हमारी labs कोरोना से लड़ाई में, नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं, नए innovation कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, ''किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए इच्छाशक्ति के साथ ही बहुत कुछ इनोवेशन पर भी निर्भर करता है. हजारों साल की मानव जाति की यात्रा लगातार इनोवेशन से ही इतने आधुनिक दौर में पहुंची है." पीएम ने कहा, ''हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न हो, परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो वो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है. उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती."

रेलवे कर्मचारी कोरोना वॉरियर्स-

पीएम ने कहा, ''हमारे रेलवे के साथ दिन-रात लगे हुए हैं. केंद्र हो, राज्य हो, स्थानीय स्वराज की संस्थाएं हो- हर कोई दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. जिस प्रकार रेलवे के कर्मचारी आज जुटे हुए हैं, वे भी एक प्रकार से अग्रिम पंक्ति में खड़े कोरोना वॉरियर्स ही हैं." पीएम ने कहा, ''बहुत से लोगों ने ये बताया है कि उन्होंने, जो जो समान उनके इलाके में मिलते हैं, उनकी पूरी लिस्ट बना ली है. ये लोग अब लोकल प्रोडक्ट्स को ही खरीद रहे हैं और वोकल फॉर लोकल को प्रमोट कर रहे हैं."

कोरोना संकट को लेकर वैश्विक स्तर पर बात-

पीएम मोदी ने कहा, ''कोरोना संकट के इस दौर में, मेरी, विश्व के अनेक नेताओं से बातचीत हुई है, इन दिनों, उनकी बहुत ज्यादा दिलचस्पी योग और आयुर्वेद के संबंध में होती है." हर जगह लोगों ने योग और उसके साथ-साथ आयुर्वेद के बारे में और ज्यादा जानना चाहा है, उसे अपनाना चाहा है. कितने ही लोग, जिन्होंने कभी योग नहीं किया, वो भी या तो ऑनलाइन योग क्लास से जुड़ रहे हैं या फिर ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से भी योग सीख रहे हैं."

यह भी पढ़ें- भारतीय जनता पार्टी ने शुरू किया परिवार संपर्क अभियान, स्वतंत्रदेव ने बांटे पीएम मोदी के पत्र

योग के गुण अनेक-

पीएम ने कहा, आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है. आयुष मंत्रालय ने 'My Life, My Yoga' नाम से अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग उसकी प्रतियोगिता शुरू कीक है. भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं." पीएम मोदी ने बताया, ''इसमें हिस्सा लेने के लिए आपको अपना तीन मिनट का एक वीडियो बना करके upload करना होगा. इस video में आप, जो योग, या आसन करते हों, वो करते हुए दिखाना है और योग से आपके जीवन में जो बदलाव आया है, उसके बारे में भी बताना है."

पीएम मोदी ने कहा, आयुष्मान भारत योजना के 1 करोड़ लाभार्थियों में से करीब 80 प्रतिशत लाभार्थी ग्रामीण इलाके के हैं. इसमें से भी करीब 50 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं-बेटियां हैं. इन लाभार्थियों में ज्यादातर ऐसी बीमारी से पीड़ित थे जिनका इलाज सामान्य दवाओं से संभव नहीं था.

पीएम मोदी ने कहा, 'एक तरफ हम महामारी से लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ हमें हाल में पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का भी सामना करना पड़ा है. हालात का जायजा लेने के लिए मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल गया था. संकट की इस घड़ी में देश भी, हर तरह से वहां के लोगों के साथ खड़ा है."

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2020 04:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).