Siddaramaiah Muda Scam Case: सिद्धरमैया ने कानूनी लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता जताई, इस्तीफा देने से किया इनकार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) भूखंड आवंटन ‘घोटाला’ मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा दी गई मंजूरी को ‘अवैध’ करार देते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की शनिवार को प्रतिबद्धता जताई और इस मुद्दे पर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया.
Siddaramaiah Muda Scam Case: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) भूखंड आवंटन ‘घोटाला’ मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा दी गई मंजूरी को ‘अवैध’ करार देते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की शनिवार को प्रतिबद्धता जताई और इस मुद्दे पर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया. सिद्धरमैया ने कहा कि पूरे मंत्रिमंडल, कांग्रेस आलाकमान और विधायकों ने उनके साथ एकजुटता व्यक्त की है. मुकदमा चलाये जाने की मंजूरी के कुछ घंटे बाद आयोजित कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बताएं कि मुझे क्यों और किस कारण से इस्तीफा देना चाहिए? राज्यपाल को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उन्होंने भारत सरकार के हाथों की कठपुतली की तरह काम किया है.
सिद्धरमैया ने आगे कहा कि मंत्रिमंडल ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के राज्यपाल के फैसले को ‘‘अवैध’’ और ‘‘असंवैधानिक’’ करार दिया और इसकी निंदा की है. राज्यपाल भारत के राष्ट्रपति के प्रतिनिधि हैं. उन्हें संविधान के प्रतिनिधि के रूप में काम करना चाहिए न कि केंद्र और भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में.
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सिद्धरमैया ने केंद्र पर राज्यपाल का ‘‘इस्तेमाल’’ करके निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17 (A) के तहत मामलों से संबंधित केंद्र द्वारा तीन सितंबर, 2021 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे गए मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का राज्यपाल द्वारा पालन नहीं किया गया. एसओपी के आधार पर यह बिल्कुल स्पष्ट है कि राज्यपाल ने अवैध रूप से मंजूरी दी है. उनके पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और मंजूरी संविधान के खिलाफ और अवैध है. उन्होंने प्रक्रिया का पालन नहीं किया है.
सिद्धरमैया ने कहा कि वह राज्यपाल की इस ‘‘अवैध मंजूरी’’ के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम ‘‘एक निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का राजनीतिक रूप से दुर्भावनापूर्ण निर्णय’’ है. उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी जद (एस) उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने के अपने प्रयासों में विफल रहेंगे. वे अपने प्रयास में सफल नहीं होंगे क्योंकि मुझे और मेरी सरकार को कर्नाटक के लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2024 10:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

