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PM Ujjwala Yojana Subsidy Cut: पीएम उज्ज्वला योजना में सब्सिडी कटौती, सालाना रियायती एलपीजी सिलेंडर का कोटा 9 से घटाकर 4 किया गया

केंद्र सरकार ने पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सालाना मिलने वाले रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी है. यह फैसला घरेलू रसोई गैस की बढ़ती लागत और तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव के बीच लिया गया है.

PM Ujjwala Yojana Subsidy Cut: पीएम उज्ज्वला योजना में सब्सिडी कटौती, सालाना रियायती एलपीजी सिलेंडर का कोटा 9 से घटाकर 4 किया गया

PM Ujjwala Yojana Subsidy Cut:  केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों को एक बड़ा झटका दिया है. सरकार ने इस योजना के तहत सालाना मिलने वाले रियायती (सब्सिडी वाले) एलपीजी सिलेंडरों की संख्या को 9 से घटाकर केवल 4 कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला उज्ज्वला परिवारों के औसत रसोई गैस उपभोग पैटर्न को ध्यान में रखकर लिया गया है ताकि सब्सिडी सहायता को वास्तविक मांग के अनुरूप संतुलित किया जा सके.

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर एलपीजी की आपूर्ति लागत लगातार बढ़ रही है. इसके कारण देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर वित्तीय दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. हालांकि, योजना के पात्र लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर मिलने वाली 300 रुपये की सब्सिडी जारी रहेगी, लेकिन अब यह लाभ एक वित्तीय वर्ष में खरीदी जाने वाली केवल पहली चार रिफिल तक ही सीमित होगा.  यह भी पढ़े:  CNG Price Hiked: महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी ₹2 प्रति किलो महंगी, दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में जानें नए रेट

लगातार दूसरी बार कोटा में कटौती

मई 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना था. इसका मकसद ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में पारंपरिक ईंधन (जैसे लकड़ी और कोयला) की जगह स्वच्छ रसोई गैस के उपयोग को बढ़ावा देना था.

शुरुआती नियमों के तहत, लाभार्थी एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम वाले 12 सब्सिडी युक्त सिलेंडर पाने के हकदार थे. बाद में इस कोटे को घटाकर 9 सिलेंडर कर दिया गया था, और अब इसे एक बार फिर कम करके केवल 4 सिलेंडर सालाना कर दिया गया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने इस संशोधन की जानकारी देते हुए कहा कि नया कोटा उज्ज्वला लाभार्थियों के वास्तविक वार्षिक उपभोग को दर्शाता है.

300 रुपये की सब्सिडी रहेगी जारी

सरकार ने मई 2022 में उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 200 रुपये प्रति सिलेंडर की लक्षित सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था. यह सब्सिडी राशि हर रिफिल की खरीद के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है. 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों पर भी आनुपातिक रूप से यह लाभ दिया जाता है.

संशोधित ढांचे के तहत, उपभोक्ताओं को 300 रुपये की यह सब्सिडी मिलती रहेगी, लेकिन साल में सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही मिलेगी. इसका मतलब है कि अब एक परिवार को पूरे साल में अधिकतम 1,200 रुपये की ही कुल सब्सिडी सहायता मिल सकेगी. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में सब्सिडी के बाद उज्ज्वला उपभोक्ताओं को 14.2 किलो का सिलेंडर 642 रुपये में मिल रहा है, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत 942 रुपये है.

बढ़ती लागत के कारण लिया गया फैसला

सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाने का फैसला घरेलू एलपीजी कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच आया है. हाल ही में 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये का इजाफा किया गया, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई.

इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडरों के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. पिछले तीन महीनों में रसोई गैस की कीमतों में कुल 89 रुपये की वृद्धि हो चुकी है.

अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल के कारण एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत बढ़कर 1,600 रुपये से अधिक हो गई है. यही वजह है कि तेल कंपनियों को प्रति सिलेंडर बेचे जाने पर करीब 700 रुपये का घाटा (अंडर-रिकवरी) उठाना पड़ रहा है. हालिया मूल्य वृद्धि और सब्सिडी कोटे में कटौती के इस दोहरे फैसले से कम आय वाले उन परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने की उम्मीद है जो पूरी तरह रसोई गैस पर निर्भर हैं. इसके अलावा, पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुए संशोधनों ने भी आम जनता पर ऊर्जा खर्च का बोझ बढ़ाया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2026 07:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).