बेंगलुरू, 1 दिसम्बर : कर्नाटक (Karnataka) में सत्तारूढ़ भाजपा ने मुस्लिम लड़कियों के लिए 10 नए कॉलेज बनाने के फैसले के बाद गुरुवार को यू-टर्न ले लिया. इस बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इस मामले पर सरकारी स्तर पर कोई चर्चा नहीं की गई है. उन्होंने कहा, ये कर्नाटक राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शफी सादी के निजी विचार हो सकते हैं. मुस्लिम लड़कियों के लिए अलग से स्कूल खोलने का सरकार का कोई विचार नहीं है. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को इस मामले पर सरकार से चर्चा करनी चाहिए.
इससे पहले मीडिया में यह खबर छपी थी कि सत्तारूढ़ सरकार मुस्लिम लड़कियों के लिए 10 नए कॉलेज बनाने की योजना बना रही है, जिससे कर्नाटक में एक बड़ा विवाद छिड़ गया. हिंदू संगठनों ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी और सरकार को चुनौती दी थी कि वे कॉलेज नहीं बनने देंगे. इस मुद्दे पर बोम्मई की प्रतिक्रिया के बाद, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना शफी सादी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए विशेष कॉलेज खोले जाएंगे. यह भी पढ़ें : गुजरात विस चुनाव : पहले चरण में दोपहर एक बजे तक 34.65 प्रतिशत मतदान
उन्होंने कहा, मैंने महिलाओं के लिए कॉलेज खोलने की बात कही थी. मैंने कहा था कि हमारे बोर्ड के पास 25 करोड़ रुपये का फंड है. हम प्रत्येक कॉलेज के लिए 2.5 करोड़ रुपये देंगे और उन्हें 10 जिलों में शुरू किया जाएगा और इस मामले पर मंत्री से चर्चा की गई है. उन्होंने कहा, मेरा पूरा बयान मीडिया द्वारा प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. मेरे बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया है. वक्फ बोर्ड सरकार के मानदंडों के अनुसार 112 शिक्षण संस्थान चला रहा है. हिजाब संकट और प्रस्तावित कॉलेजों से कोई संबंध नहीं है और वे भी दिशा-निदेशरें के अनुसार काम करेंगे. उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नारे के अनुरूप है.
इससे पहले मुस्लिम लड़कियों के लिए अलग से कॉलेज बनाने की बात सामने आने पर हिंदू संगठनों ने तीखा आक्रोश जताया था. हिंदू जन जागृति समिति के नेता मोहन गौड़ा ने चेतावनी दी थी कि अगर केवल मुस्लिम लड़कियों के लिए कॉलेज बन रहे हैं तो हिंदू कॉलेज, विश्वविद्यालय भी बनने चाहिए. श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक ने सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती दी थी कि कर्नाटक में मुस्लिम लड़कियों के लिए विशेष कॉलेज बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा. हालांकि मुजरई और वक्फ मंत्री शशिकला जोले ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मुस्लिम लड़कियों के लिए विशेष कॉलेज खोलने का कोई आश्वासन नहीं दिया था.













QuickLY