MP: जबलपुर में EOW के रेड के बाद बिशप पीसी सिंह के क्रियाकलापों की तीन स्तर पर जांच शुरू- सीएम शिवराज
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर जबलपुर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) द्वारा द बोर्ड ऑफ एज्युकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायसिस के बिशप पी सी सिंह के घर और कार्यालय पर दबिश में हुए बड़े खुलासे के बाद सरकार भी हरकत में है
Jabalpur Bishop EOW Raid: मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर जबलपुर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) द्वारा द बोर्ड ऑफ एज्युकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायसिस के बिशप पी सी सिंह के घर और कार्यालय पर दबिश में हुए बड़े खुलासे के बाद सरकार भी हरकत में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इस मामले की तीन स्तर पर जांच हो रही है.
ईओडब्ल्यू की ओर से उपलब्ध कराए गए ब्यौरे से पता चला है कि बिशप सिंह के पास नौ गाड़ियां हैं, 17 संपत्तियां और संस्थाओं व परिजनों के 48 बैंक खाते हैं. बिशप सिंह के यहां मारे गए छापे में एक करोड़ 65 लाख 14 हजार की नगदी के अलावा 18 हजार 352 यूएस डालर व 118 पाउंड भी मिले हैं. ज्ञात हो कि गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने बिशप सिंह के नेपियर टाउन स्थित आवास और कार्यालय पर एक साथ दबिश दी थी। नगदी को गिनने के लिए मशीन भी बुलानी पड़ी थी. यह भी पढ़े: MP: भोपाल में लॉकअप में लटका मिला व्यक्ति, न्यायिक जांच के आदेश
बताया गया है कि ईओडब्ल्यू को एक शिकायती प्रकरण के अंतर्गत 'ट्रस्ट के कार्यों में धांधली की शिकायत विनटेबल फादर हीरा नवल मसीह नागपुर' के द्वारा की गई थी.फादर हीरा नवल मसीह की शिकायत पर जब ईओडब्ल्यू से कार्रवाई की तब चेयरमैन के खिलाफ ट्रस्ट की संस्थाओं का दुरूपयोग, नाम परिवर्तित कर नई संस्थाओं का निर्माण, नई संस्थाओं के नाम से अवैधानिक कार्य, स्कूली संस्थाओं की फीस में गड़बड़ी, निजी कार्यों में ट्रस्ट के पैसों का दुरूपयोग करने जैसे कागज सामने आए हैं.
बताया गया है कि इसके अतिरिक्त ट्रस्ट संस्थाओं की लीज रिनुअल में धोखाधड़ी, उनका सात करोड़ से अधिक का टैक्स न चुकाए जाने जैसे प्रकरण सामने आए हैं. मुाख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि शासन इस पूरे छापेमारी को गंभीरता से ले रही है। हम तीन स्तर पर जांच करने जा रहे हैं। पहले स्तर में इस पूरे छापेमारी में प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त धन का उपयोग धर्मांतरण, अवैधानिक कार्य या गैरकानूनी कार्यों में तो नहीं हो रहा है, इसकी जाँच ईओडब्ल्यू और जिला प्रशासन मिल कर करेगा.
चौहान के मुताबिक दूसरे स्तर पर शासन द्वारा ट्रस्ट की संस्थाओं को जो जमीन लीज पर दी गई है, इनका उपयोग स्कूल, अस्पताल या धर्माथ के कार्यों में न होकर अन्य व्यवसायिक कार्यों में हो रहा है तो इसकी जाँच ईओडब्ल्यू एवं जिला प्रशासन करेगा.
इसके साथ तीसरे स्तर पर कई ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिसमें ट्रस्ट की संस्थाओं के लीज संबंधी प्रकरण में धोखाधड़ी कर टैक्स नहीं चुकाया गया है या नाम परिवर्तित कर दुरूपयोग हो रहा है या लीज नवीनीकरण में स्टांप ड्यूटी की धांधली की शिकायत आयी है, इसमें भी ईओडब्ल्यू और जिला प्रशासन जांच करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा, इस प्रकरण एवं छापेमारी में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2022 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

