शिक्षा

NEET-UG 2026 Re-Exam: नीट-यूजी री-एग्जाम के लिए देशभर में 22.8 लाख छात्र देंगे परीक्षा, लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अधिक

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जा रही नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा में आज देश भर से 22.8 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा में 13.3 लाख छात्राओं और 9.5 लाख छात्र उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है.

NEET-UG 2026 Re-Exam: नीट-यूजी री-एग्जाम के लिए देशभर में 22.8 लाख छात्र देंगे परीक्षा, लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अधिक
NEET-UG 2026 Re-Exam

NEET-UG 2026 Re-Exam:  नई दिल्लदेश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG 2026) की दोबारा परीक्षा आज, 21 जून 2026 को देश भर में संपन्न होने जा रही है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस री-एग्जाम के लिए कुल 22.8 लाख (22,80,054) छात्रों को हॉल टिकट जारी किए गए हैं. पिछले महीने 3 मई को आयोजित हुई मुख्य परीक्षा के रद्द होने के बाद आज दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. इस साल की परीक्षा में एक दिलचस्प जनसांख्यिकीय (Demographic) ट्रेंड सामने आया है, जिसमें लड़कों की तुलना में लड़कियों की भागीदारी काफी अधिक है.

 13.3 लाख छात्राएं और 9.5 लाख छात्र शामिल

एनटीए द्वारा साझा किए गए लिंग-वार (Gender-wise) आंकड़ों के मुताबिक, इस साल परीक्षा देने वाले कुल 22.8 लाख उम्मीदवारों में से 13.3 लाख महिला उम्मीदवार (Female Candidates) हैं. वहीं, पुरुष उम्मीदवारों (Male Candidates) की संख्या 9.5 लाख दर्ज की गई है. आयु वर्ग की बात करें तो कुल परीक्षार्थियों में से लगभग 81 प्रतिशत छात्र 17 से 20 वर्ष के आयु समूह में आते हैं. इसके अलावा, 17 प्रतिशत उम्मीदवार 21 से 24 वर्ष के बीच के हैं, जबकि 4,133 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है.

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा उम्मीदवार

राज्यों के लिहाज से देखा जाए तो उत्तर प्रदेश एक बार फिर सबसे बड़े हिस्सेदार के रूप में उभरा है, जहां से सबसे अधिक 3.56 लाख छात्र परीक्षा में बैठ रहे हैं. इसके बाद दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है, जहां से 2.22 लाख उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं. राजस्थान (2.03 लाख) तीसरे स्थान पर है, जो देश में एक प्रमुख मेडिकल कोचिंग हब के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है. इसके अलावा बिहार (1.6 लाख), कर्नाटक (1.5 लाख) और तमिलनाडु (1.40 लाख) ऐसे राज्य हैं जहां से एक लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है. ये छह राज्य मिलकर देश के कुल परीक्षार्थियों का लगभग आधा हिस्सा बनाते हैं.

अंग्रेजी माध्यम का दबदबा बरकरार

भाषा के आधार पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 22.8 लाख उम्मीदवारों में से लगभग 18.1 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए अंग्रेजी माध्यम (English Medium) को चुना है. इसका मतलब है कि हर पांच में से लगभग चार छात्र अंग्रेजी में पेपर दे रहे हैं. हिंदी माध्यम 3.5 लाख उम्मीदवारों के साथ दूसरे स्थान पर है. क्षेत्रीय भाषाओं में गुजराती माध्यम से परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक (लगभग 50,000) रही, जिसके बाद बंगाली (38,577) और तमिल (29,845) का स्थान आता है. मराठी, तेलुगु, मलयालम, पंजाबी और कन्नड़ जैसी अन्य भाषाओं के लिए कुछ हजार छात्रों ने ही पंजीकरण कराया है.

अभूतपूर्व सुरक्षा और एआई कैमरों की निगरानी

3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक और अमानत में ख्यानत के गंभीर आरोपों के बाद, इस री-टेस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. देश के 551 शहरों में स्थापित 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों में बने 14 केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. कुल 95,000 परीक्षा कमरों में करीब 1.38 लाख सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है. इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ियों को रोकने के लिए केंद्रों पर 51,311 सिग्नल जैमर लगाए गए हैं और डमी कैंडिडेट की पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन व डबल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2026 01:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).