Crude Oil Price Hike: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 1% का उछाल, ब्रेंट क्रूड $93.26 पर पहुंचा
अमेरिका द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 1% तक का उछाल आया है. इससे तेल आपूर्ति प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है.
ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम चढ़े
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 93.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसी तरह, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया. यह उछाल ऐसे समय में आया है जब बाजार पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद कर रहा था. यह भी पढ़े: CNG Price Hike: मुंबईवासियों को महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी हुई ₹2 प्रति किलो महंगी, जानें नई दरें
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान का रुख
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में 'आत्मरक्षा' में की गई थी. अमेरिकी हमलों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरानी वायु रक्षा, ग्राउंड कंट्रोल और रडार केंद्रों को निशाना बनाया गया. दूसरी ओर, ईरान ने हेलीकॉप्टर को गिराने की जिम्मेदारी से इनकार करते हुए इसे एक महज दुर्घटना बताया है.
वैश्विक बाजारों पर दिखा असर
इस नए भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी का रुख देखा गया. निवेशकों और कारोबारियों के बीच अनिश्चितता बढ़ने से बिकवाली का दबाव रहा.
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक टूट गए, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) में करीब 4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई. अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ था, जहां नैस्डैक कंपोजिट में 0.97 प्रतिशत की कमी आई थी.
भारतीय शेयर बाजार में स्थिति विपरीत
वैश्विक मंदी के रुख के विपरीत, भारतीय घरेलू शेयर बाजार में सुबह के सत्र में मजबूती देखी गई. शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक करीब 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में पिछले लगातार आठ हफ्तों से गिरावट दर्ज की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2026 01:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

