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Bihar: एआईएमआईएम की RJD, JDU से गठबंधन की इच्छा, BJP ने कहा, एक ही सिक्के के दो पहलू

बिहार के गोपालगंज उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम उत्साहित है. ऐसी स्थिति में अब वह जदयू और राजद से गठबंधन की इच्छा व्यक्त की है. इधर, दोनों दलों को उसकी दोस्ती पसंद नहीं है.

Bihar: एआईएमआईएम की RJD, JDU से गठबंधन की इच्छा, BJP ने कहा, एक ही सिक्के के दो पहलू
बीजेपी (प्रतिकत्कम तस्वीर )

पटना, 11 नवंबर : बिहार के गोपालगंज उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम उत्साहित है. ऐसी स्थिति में अब वह जदयू और राजद से गठबंधन की इच्छा व्यक्त की है. इधर, दोनों दलों को उसकी दोस्ती पसंद नहीं है. इस बीच, भाजपा ने तीनों दलों को देश विरोधी ताकतों को मजबूत करने वाला बताया.

एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा कि हम समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं लेकिन भाजपा के साथ कभी नहीं गठबंधन करेंगे. उन्होंने कहा कि हमने शुरू से ही कहा है कि देश और समाज को फासीवादी ताकतों से बचाने के लिए समान विचारधारा वाले दलों को एक साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उन्हीं दलों से समर्थन करेगी जो वंचित वर्ग, दलितों और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए काम करती हैं. यह भी पढ़ें : धनखड़ आसियान-भारत व पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के लिए कंबोडिया पहुंचे

इधर, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता के सी त्यागी ने ऐसी कोई योजना को नकार दिया. उन्होंने कहा कि 'धर्मनिरपेक्षता' और 'कट्टरवाद' में अंतर है. हम उनके साथ गठबंधन नहीं कर सकते. इधर, राजद के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने भी कहा कि हमारा एआईएमआईएम से कोई लेना-देना नहीं है और हम इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उन्होंने तो यह तक कहा कि गोपालगंज विधानसभा उपचुनाव में एआईएमआईएम के कारण भाजपा विजयी हुई.

इस बीच, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने कहा कि एआईएमआईएम और राजद, जदयू एक ही सिक्के के दो पहलू है. इन सभी का एजेंडा एक है जो देश विरोधी ताकतों को मजबूत करते हैं. उन्होंने कहा कि जो काम असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी खुल्लमखुल्ला मुस्लिमपरस्ती करते हुए हिंदुओं को ललकार कर करते हैं वही काम धर्मनिरपेक्षता के नाम पर पर्देदारी कर राजद और जदयू जैसी पार्टियां मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति के तहत करती है.

अकबरुद्दीन ओवैसी तो वही नेता है जिन्होंने 15 मिनट के लिए भारत से पुलिस- प्रशासन हटा लेने पर देशभर के सभी हिंदुओं को इतनी ही देर में निपटा देने की बात की थी. वहीं नीतीश कुमार बिहार के सभी स्कूलों में और थानों में उर्दू के लोग बहाल करने जा रहे हैं. यही नहीं सीमावर्ती इलाके के स्कूलों में नीतीश कुमार नमाज पढ़ने के लिए शुक्रवार को छुट्टी करवाते हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत है कि देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून और यूनिफॉर्म सिविल कोड अविलंब लागू होना चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2022 03:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).