भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर पुरानी पेंशन की खातिर मांगे 17 हजार करोड़
छत्तीसगढ़ सरकार अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली का ऐलान कर चुकी है. नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत राज्य कर्मचारियों की ओर से जमा की गई राशि बढ़कर 17 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुकी है.
रायपुर, 3 जून : छत्तीसगढ़ सरकार अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली का ऐलान कर चुकी है. नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत राज्य कर्मचारियों की ओर से जमा की गई राशि बढ़कर 17 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को खत लिखकर यह राशि राज्य सरकार को वापस करने के लिए पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को निर्देशित करने का अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत एनएसडीएल को अंतरित 17 हजार 240 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ सरकार को वापस करने के लिए पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को निर्देशित करने का अनुरोध किया है, ताकि शासकीय कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का क्रियान्वयन किया जा सके.
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है, राज्य सरकार द्वारा एनपीएस ट्रस्ट तथा एनएसडीएल के साथ किये गये अनुबंधों में ऐसा कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं है जो राज्य शासन को नवीन अंशदायी पेंशन योजना के संबंध में किये गए अनुबंध से बाहर जाने तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली से बाधित करता हो . उन्होंने लिखा है, संघीय ढांचे में यह राज्य सरकार का संप्रभु निर्णय है. शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य की बजट घोषणा व मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुक्रम में निर्णय के क्रियान्वयन से रोका जाना उचित नहीं है. यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री, चंपावत की जनता का आभार जताया
बघेल ने अपने पत्र में राज्य सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "एनएसडीएल को एक नवम्बर, 2004 से 31 मार्च 2022 तक कुल 11,850 करोड़ (कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान) अंतरित किये गये हैं. एनएसडीएल से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस जमा राशि का बाजार मूल्य लगभग 17, 240 करोड़ रुपए है. राज्य सरकार द्वारा 20 मई 2022 को पत्र के माध्यम से उपरोक्त सभी तथ्यों से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण को अवगत कराते हुए इस जमा राशि को राज्य शासन को वापस करने का अनुरोध किया गया था. प्राधिकरण द्वारा 26 मई 2022 के माध्यम से कहा है कि पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013, सहपठित पीएफआरडीए (राष्ट्रीय पेंशन योजना अंतर्गत निकासी एवं प्रत्याहरण) विनियमन, 2015 तथा अन्य सुसंगत नियमों में इस आशय का कोई प्रावधान नहीं है जिसमें राज्य सरकार को कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान की जमा राशि वापस की जा सके." बघेल ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की बहाली के निर्णय को राज्य मंत्रि-परिषद की एक मई 2022 को हुई बैठक में इस निर्णय का अनुमोदन किया जा चुका है तथा अधिसूचना भी राजपत्र में प्रकाषित हो चुकी है.
बघेल ने अपने पत्र में लिखा है, "राज्य शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुरानी मांग पर उनके एवं उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने की ²ष्टि से पुरानी पेंशन योजना की बहाली का निर्णय लिया गया है. 1 अप्रैल 2022 से शासकीय सेवकों के वेतन से किये जाने वाले मासिक पेंशन अंशदान को समाप्त करते हुए एनएसडीएल को जमा किये जाने वाले कर्मचारी एवं राज्य शासन के अंशदान को बंद कर दिया गया है. इसके स्थान पर पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप ऐसे प्रत्येक कर्मचारी का नवीन सामान्य भविष्य निधि खाता खोलकर प्रतिमाह उनके मूल वेतन का 12 प्रतिशत अंशदान इस खाते में जमा किया जा रहा है, जो कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि नियमों के अनुरूप ब्याज सहित अंतिम भुगतान किया जायेगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2022 02:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

