Rajpal Yadav Case: राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ जेल में किया सरेंडर; जानें क्या है मामला

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा राहत देने से इनकार करने के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है. कोर्ट ने उनके बार-बार वादे तोड़ने पर कड़ी नाराजगी जताई है.

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Rajpal Yadav Case:  मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया है. यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उनकी उस याचिका को खारिज करने के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने सरेंडर करने के लिए और समय मांगा था. अदालत ने अभिनेता के पिछले आचरण और बार-बार भुगतान के वादे तोड़ने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें जेल जाने का निर्देश दिया.

कोर्ट में क्या हुआ?

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजपाल यादव की उस अर्जी को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने 50 लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगी थी. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा: यह भी पढ़े:  Tahawwur Rana Case: परिवार से फोन पर बात करना चाहता है 26/11 का आरोपी तहव्वुर राणा, पटियाला हाउस कोर्ट ने PIL पर तिहाड़ जेल से मांगी रिपोर्ट

"याचिकाकर्ता ने पिछले समय में कम से कम 15-20 बार ऐसे वादे किए और उन्हें तोड़ा है. उनके आचरण को देखते हुए अब और नरमी बरतने का कोई आधार नहीं है. पहले सरेंडर करें, उसके बाद ही किसी दलील पर विचार होगा.

अभिनेता को बुधवार (4 फरवरी) शाम 4 बजे तक सरेंडर करना था, लेकिन उन्होंने गुरुवार को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर माफी मांगी और राहत की गुहार लगाई, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया.

क्या है चेक बाउंस का पूरा मामला?

यह विवाद साल 2010 से शुरू हुआ था, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' (Ata Pata Laapata) के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था.

करोड़ों की देनदारी और अदालती कार्यवाही

अदालत ने पाया कि राजपाल यादव पर प्रत्येक सात मामलों में 1.35 करोड़ रुपये की देनदारी थी, जो कुल मिलाकर लगभग 9 करोड़ रुपये बनती है. अक्टूबर 2025 में उन्होंने 75-75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए थे, लेकिन शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया. हाई कोर्ट ने जून 2024 में उनकी सजा को इस उम्मीद में निलंबित (Suspend) किया था कि वे शिकायतकर्ता के साथ समझौता कर लेंगे, लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद भुगतान न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया.

अब आगे क्या?

राजपाल यादव के तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के बाद, जेल प्रशासन नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा. कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा की गई राशि को भी शिकायतकर्ता कंपनी को जारी करने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई में जेल अधीक्षक से अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) मांगी जाएगी.

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