World Theatre Day 2022: हम सब महज रंगमंच के पात्र हैं…! जानें क्यों और कैसे मनाते हैं विश्व रंगमंच दिवस? और कितना पुराना नाता है भारत का रंगमंच से?
All the World's a Stage, and all the man and women merely players…अर्थात ‘सारी दुनिया एक रंगमंच की तरह है और स्त्री और पुरुष अभिनेता, सात अवस्थाएं जीवन की, सात अंकों के नाटक में, अपना-अपना खेल दिखाकर इंसान चला जाता है,’ विलियम शेक्सपियर के शब्दों में रंगमंच की यही जीवित व्याख्या है. काफी सालों से भारत फिल्मों का देश माना जाता रहा है, यद्यपि आज वेब सीरीज फिल्मों पर हावी हैं, लेकिन जड़ में आज भी रंगमंच जिंदा है.