जरुरी जानकारी | व्हट्सएप ने भारत में पारेश बी लाल को शिकायत अधिकारी बनाया

नयी दिल्ली, 31 मई संदेश के आदान प्रदान का डिजिटल मंच उपलब्ध कराने वाली कंपनी कंपनी व्हट्सएप ने अपनी वेबसाइट पर भारत में पारेश बी लाल को शिकायत अधिकारी नामित किया है।

देश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संबंधी नये नियमों के पिछले सप्ताह में प्रभाव में आ जाने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। इन नियमों के तहत प्रमुख सोशल मीडिया मध्यस्थों (जिनके 50 लाख से अधिक उपयोगकतौ हैं) को भारत में उपयोगकर्ताओं की शिकायतों को सुनने के लिये एक शिकायत अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। ये अधिकारी भारत में रहने वाले होने चाहिये।

व्हट्सएप की वेबसाइट के मुताबिक उसके उपयोगकर्ता उसके शिकायत अधिकारी पारेश बी लाल को तेलंगाना में हैदराबाद स्थित बंजारा हिल्स में एक पोस्ट बॉक्स के जरिये संपर्क कर सकते हैं।

हालांकि, इस संबंध में व्हट्सएप को भेजे गये ई-मेल का कोई जवाब नहीं मिला।

गूगल जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी वेबसाइट को अद्यतन करने लगी हैं ताकि उनमें शिकायत अधिकारी के बारे में जानकारी डाली जा सके। गूगल के ‘हमसे संपर्क करिये’ पेज पर अमेरिका, माउंटेन व्यू के पते के साथ संपर्क अधिकारी जोए ग्रीएर का ब्योरा दिया गया है। इस पेज में यूट्यूब को लेकर शिकायत निपटान प्रणाली के बारे में बताया गया है।

नये आईटी नियमों के मुताबिक सभी प्रमुख मध्यस्थों को अपनी वेबसाइट, एप अथवा दोनों में शिकायत अधिकारी, उसका संपर्क नंबर, शिकायत करने की पूरी प्रणाली के बारे में जानकारी देनी होगी। शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के भीतर शिकायत मिलने की पुष्टि करनी होगी और शिकायत मिलने के 15 दिन के भीतर उसका समाधान करना होगा। कंपनी को प्रशासन से किसी आदेश, नोटिस अथवा निर्देश के प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर उसका समाधान करना होगा।

नये नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को किसी चिन्हित संदेश को 36 घंटे के भीतर हटाना होगा और किसी तरह की चिन्हित की गई गलत हरकत, अश्लील सामग्री को 24 घंटे के भीतर अपने मंच से हटाना होगा।

केन्द्र सरकार ने कहा है कि उसके ये नियम शोसल मीडिया मंचों का दुरुपयोग करने से रोकने की मंशा से तैयार किये गये हैं साथ उसके उपयोगकर्ताओं के लिये शिकायत निपटान की सुविधा भी पेश की गई है। इन नियमों का पालन नहीं करने पर ये मंच मध्यस्थ इकाई का दर्जा खो देंगे। मध्यस्थ इकाई का दर्जा होने के नाते ही उन्हें किसी तीसरे पक्ष के पोस्ट या सामग्री की जवाबदेही से छूट मिलती है।

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