विदेश की खबरें | अमेरिकी सैनिकों ने गाजा में सहायता पहुंचाने के लिये तैरता पोतघाट बनाया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह इलाका बीते सात महीने से इजराइल व हमास के बीच जारी लड़ाई से जूझ रहा है।

फलस्तीन के लोगों के समक्ष भोजन एवं अन्य वस्तुओं की आपूर्ति की गंभीर समस्या पैदा होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भूखमरी का सामना कर रहे वहां के लोगों की मदद करने का निर्देश दिया था। इसके दो महीने से अधिक समय बाद अमेरिकी सेना ने उन तक मदद पहुंचाने के लिये यह पोतघाट बनाया है ।

इजराइल ने हाल ही में मिस्र की सीमा पर स्थित प्रमुख रफह सीमा की घेराबंदी कर दी है (जिससे संकटग्रस्त लोगों तक पहुंच बंद है)।

साजो-सामान, मौसम और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे गाजा क्षेत्र में समुद्री मार्ग से सहायता पहुंचाने के लिये यह पोतघाट तैयार किया गया है।

सहायता नौकाओं को गाजा शहर के दक्षिण-पश्चिम में इजराइलियों द्वारा निर्मित एक बंदरगाह सुविधा पर जमा किया जाएगा और फिर सहायता समूहों के माध्यम से इसे वितरित किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि रफह के बाहरी इलाके में फलस्तीनी उग्रवादियों और इजराइल की सेना के बीच जारी जबर्दस्त गोलीबारी के कारण करीब छह लाख लोग विस्थापित हो गये हैं, जो गाजा की जनसंख्या का एक चौथाई है ।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक लाख अन्य नागरिक उत्तरी गाजा से निकल गये हैं, जहां इजराइल की सेना ने अब हमले शुरू कर दिये हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ‘पेंटागन’ के अधिकारियों ने बताया कि गाजा में जारी संघर्ष से सहायता के लिये बनाये गये समुद्री मार्ग को कोई खतरा नहीं है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सुरक्षा स्थिति की करीब से निगरानी की जायेगी और (जरूरत पड़ने पर) अस्थायी रूप से ही सही, इस पोतघाट को बंद किया जा सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)