देश की खबरें | केन्द्रीय मंत्री मुरुगन ने द्रमुक पर साधा निशाना
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चेन्नई, 26 दिसंबर केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और इसके नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ दल और शासन की आलोचना करनेवाले लोगों पर कथित हमले तथा उनकी गिरफ्तारी की घटनाएं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संविधान के लिए एक ‘बड़ी चुनौती’ हैं।
कुछ दिन पहले धर्मपुरी में कथित तौर पर द्रमुक पदाधिकारियों द्वारा नाम तमिलर काची (एनटीके) के कार्यकर्ताओं पर 'हमला' किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, मुरुगन ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी इस तरह के कृत्यों को अंजाम देती रहती है।
मुरुगन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘लोगों को तब आश्चर्य होना चाहिए जब द्रमुक के लोग इस तरह के हमलों में शामिल न हों।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाना द्रमुक के खून में है। यदि विपक्षी दलों के पदाधिकारी पार्टी या सरकार पर आलोचनात्मक टिप्पणी करते हैं, तो उन्हें हमलों और गिरफ्तारियों के माध्यम से निशाना बनाया जाता है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रमुख ने कहा कि ऐसी घटनाओं ने राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संविधान के लिए एक ‘‘बड़ी चुनौती’’ पेश की है।
श्रीलंका द्वारा हाल में गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के 68 मछुआरों से संबंधित सवाल पर मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मुरुगन ने कहा कि उनकी जल्द रिहाई के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
हाल में राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों को समय से पहले रिहा करने की मांग के संबंध में पार्टी और सरकार की आलोचना करने पर कथित तौर पर द्रमुक कार्यकर्ताओं ने एनटीके कार्यकर्ताओं पर हमला किया था।
नेता विपक्ष और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के शीर्ष नेता के. पलानीस्वामी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने ‘हमले’ की निंदा की थी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
कुछ दिन पहले, यूट्यूबर एम. मरिदास (जिन्हें दो अलग-अलग शिकायतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था) को मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा जेल से रिहा कर दिया गया था। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज की गईं दो प्राथमिकियों को निरस्त कर दिया था।
भाजपा और हिंदुत्व समर्थक समूह मरिदास की प्रशंसा एक राष्ट्रवादी के रूप में करते हैं। भाजपा ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर द्रमुक सरकार के मकसद पर सवाल उठाए थे।
एनटीके पदाधिकारी एवं यूट्यूबर 'सत्तई' दुरई मुरुगन को भी मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। कुछ दिन पहले उन्हें फिर से एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था।
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