देश की खबरें | सैनिकों ने लगातार गोलीबारी कर आतंकवादियों को पीछे हटने पर मजबूर किया: अधिकारियों ने कठुआ हमले पर कहा

नयी दिल्ली, 10 जुलाई भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जब घात लगाकर हमला किया तो 22 गढ़वाल रेजिमेंट के जवान आश्चर्यचकित रह गए, लेकिन उन्होंने तुरंत खुद को संभाला और अपने घायल साथियों को बचाने के लिए 5,100 से अधिक गोलियां चलाई और हमलावरों को कठुआ की पहाड़ियों में भागने को मजबूर कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में दो दिन पहले हुए आतंकवादी हमले में पांच सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे और पांच अन्य घायल हुए थे। इस हमले के बाद अधिकारियों ने घटनाक्रम को जोड़ना शुरू कर दिया है। घात लगाकर किये गये हमले के बाद दो घंटे से अधिक समय तक लगातार गोलीबारी होती रही।

कठुआ जिले के माचेडी इलाके में सोमवार को सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर किये गए आतंकवादियों के हमले में जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) समेत पांच जवान शहीद हो गये थे।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अपराह्न लगभग साढ़े तीन बजे हुई थी, जब कठुआ शहर से 150 किलोमीटर दूर लोहई मल्हार में बदनोता गांव के पास माचेडी-किंडली-मल्हार मार्ग पर सेना के वाहन नियमित गश्त पर थे।

भारी गोलीबारी का सामना कर रहे सैनिकों ने कड़ा मुकाबला किया था तथा आतंकवादियों को उनके हथियार छीनने और अधिक नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए लगातार गोलीबारी की।

अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों, खून से सने हेलमेट, खोखों और वाहनों की जांच कर रहे हैं, तथा घायल सैनिकों से बात कर रहे हैं ताकि आठ जुलाई को हुई घटना के बारे में समझा जा सके।

एक अधिकारी ने बताया कि माना जा रहा है कि आतंकवादी तीन लोगों के एक समूह में थे और दो अलग-अलग स्थानों पर तैनात थे तथा उन्होंने वाहनों और सेना के जवानों को निशाना बनाया।

यह हमला जम्मू में एक महीने में हुआ पांचवां हमला है।

एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘जबरदस्त शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, भारतीय सेना के गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों ने आतंकवादियों पर 5,189 गोलियां चलाई, जिससे उन्हें घटनास्थल से भागने को मजबूर होना पड़ा।’’

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