देश की खबरें | हिमाचल के युवाओं की शीर्ष स्वास्थ्य समस्याओं में मोबाइल फोन की लत, चिंता व हिंसा शामिल: सर्वेक्षण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश के युवाओं की शीर्ष पांच स्वास्थ्य समस्याओं में कम वजन, मोबाइल फोन की लत का जोखिम, चिंता और अनजाने में चोट लगना शामिल हैं। सरकार की ओर से हाल ही में कराए गए एक अध्ययन की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

नयी दिल्ली, सात नवंबर हिमाचल प्रदेश के युवाओं की शीर्ष पांच स्वास्थ्य समस्याओं में कम वजन, मोबाइल फोन की लत का जोखिम, चिंता और अनजाने में चोट लगना शामिल हैं। सरकार की ओर से हाल ही में कराए गए एक अध्ययन की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

शिमला, किन्नौर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में 10 से 24 वर्ष की उम्र के 2,895 व्यक्तियों के बीच यह स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।

इस सर्वेक्षण का उद्देश्य पोषण, मादक पदार्थों के उपयोग (तंबाकू और शराब सहित), मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे कि चिंता और अवसाद, यौन व्यवहार और व्यक्तिगत स्वच्छता का आकलन करना था। इसके अलावा हिंसा और चोट लगने की घटनाओं (सड़क दुर्घटना में आने वाली चोटों समेत अन्य चोट इसमें शामिल) का भी आकलन किया गया।

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘कम वजन (44.39 प्रतिशत), मोबाइल फोन की लत का जोखिम (19.62 प्रतिशत), चिंता (15.54 प्रतिशत), अनजाने में चोट लगना (14.72 प्रतिशत) और हिंसा (8.19 प्रतिशत) हिमाचल प्रदेश के युवाओं के स्वास्थ्य पर असर डालने वाली पांच शीर्ष समस्याएं हैं।’’

युवाओं में कम वजन और चिंता को आमतौर पर सामान्य माना जाता है, लेकिन इन दोनों समस्याओं को लड़कों की तुलना में लड़कियों में अधिक देखा गया।

यह सर्वेक्षण महामारी विज्ञान विभाग, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोन विज्ञान संस्थान, किशोर स्वास्थ्य प्रभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशालय, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा किया गया। इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान जर्नल (इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च) में प्रकाशित किया गया है।

अवसाद, चिंता, आत्महत्या के विचार और तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों के इस्तेमाल (इंजेक्शन या मुंह के जरिये) के संभावित मामलों की पहचान करने के लिए 13 प्रश्नों के एक सेट का उपयोग किया गया था। ‘स्क्रीनिंग’ से जुड़े ये प्रश्न अनुसंधान टीम के पिछले सर्वेक्षण अनुभव के आधार पर तैयार किये गये थे।

नमूना एकत्र करने के लिए ‘स्ट्रैटीफाइड मल्टीस्टेज क्लस्टर’ विधि का उपयोग किया गया था। हर प्रखंड में 30 क्लस्टर चयनित किये गये थे। ग्रामीण इलाकों में क्लस्टर को गावों के रूप में परिभाषित किया गया और शहरी क्षेत्रों में इन्हें वार्ड के रूप में परिभाषित किया गया।

पोषण संबंधी जानकारी में उत्तरदाताओं के प्रमुख आहार पैटर्न (अंडे, मांस, मछली और अस्वास्थ्यकर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत की आवृत्ति) के साथ-साथ क्वेटलेट इंडेक्स (वजन किलोग्राम में) / उंचाई सेंटीमीटर में) का उपयोग करके बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की गणना के लिए उनकी ऊंचाई और वजन संबंधी जानकारी शामिल थी।

यह जानकारी लोगों को कम वजन, सामान्य वजन, अधिक वजन और मोटे व्यक्ति की श्रेणी में रखने के लिए जुटाई गई।

प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्नों में यौवन, प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य और रिश्ते की प्रकृति, मासिक धर्म की उम्र और मासिक धर्म स्वच्छता के साथ-साथ जानकारी के स्रोतों के प्रति जागरूकता शामिल थी।

यौन स्वास्थ्य संबंधी खंड में व्यक्ति विशेष की यौन गतिविधियों से जुड़े डेटा को शामिल करने के साथ प्रतिभागियों से जानकारी के स्रोतों के बारे में पूछा गया।

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