देश की खबरें | शीर्ष अदालत ने 13 न्यायिक अधिकारियों को एडीजे नियुक्त करने का उच्च न्यायालय का फैसला बरकरार रखा

नयी दिल्ली, 13 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा सरकार को झटका देते हुए मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें उसने 13 सेवारत न्यायिक अधिकारियों को राज्य में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) के रूप में नियुक्त करने को कहा था।

उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ विभिन्न अपील का निपटारा करते हुए प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने फैसले को बरकरार रखा और कानूनी राय लेने के लिए केंद्र से संपर्क करने के राज्य सरकार के कदम पर कड़ा संज्ञान लिया।

शीर्ष अदालत ने कहा, "इसलिए, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में दोष ढूंढ़ने में स्पष्ट रूप से गलती कर रही थी।’’

हरियाणा सरकार ने 13 न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त करने की उच्च न्यायालय द्वारा की गई सिफारिशों को पिछले साल 12 सितंबर को इस आधार पर स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि चयन मानदंडों में कथित सुधार से पहले उससे परामर्श नहीं किया गया।

उच्च न्यायालय ने 20 दिसंबर, 2023 को अपने फैसले में राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया और 13 न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश को लागू करने को कहा।

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में राज्य सरकार के फैसलों में खामी पाई।

इसने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार और उच्च न्यायालय को मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए थी तथा राज्य सरकार को राय लेने के लिए केंद्र के पास नहीं जाना चाहिए था।

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