जरुरी जानकारी | कोयला क्षेत्र के समक्ष वित्तीय बाजारों से आ रही हैं कुछ अड़चनें: सरकार

नयी दिल्ली, 10 जून सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोयला क्षेत्र को वित्तीय बाजारों से कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वाणिज्यिक कोयला खनन की नीलामी में वैश्विक कपनियों के भाग नहीं लेने की यह एक वजह हो सकती है।

कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पहले विश्वास जताया था कि अगले दौर की नीलामी में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी होगी।

वाणिज्यिक खनन के लिए दूसरे दौर की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है - जिसमें 67 कोयला ब्लॉक बिक्री के लिए रखे गये हैं।

अतिरिक्त कोयला सचिव एम नागराजू ने कहा, ‘‘अमेरिका और इंडोनेशिया और कुछ अन्य स्थानों के उद्योगों के साथ हमारी कुछ भागीदारी हुई। हम कई लोगों तक पहुंचे ... शायद इसीलिये कोयले को निवेश के लिए वित्तीय बाजारों से थोड़ी सी प्रतिकूलता का सामना करना पड़ रहा है इसलिए यह भी एक कारण हो सकता है (कि नीलामी में वैश्विक कंपनियां भाग नहीं ले रहीं)।“

उद्योग मंडल फिक्की द्वारा वाणिज्यिक कोयला खनन की दूसरी किस्त की नीलामी को लेकर संबद्ध पक्षों के साथ आयोजित पहली परिचर्चा बैठक में सवालों के जवाब में उन्होंने यह कहा।

नागराजू ने कहा, ‘‘लेकिन कोई बात नहीं वह नहीं भाग ले रहे हैं तो यह अच्छा है, यह हमारे साथ ठीक है।’’

कोयला खानों की दूसरी नीलामी देश में कोयला खानों का अब तक का सबसे बड़ी नीलामी है। सरकार इसमें कुल 36 अरब टन के भंडार के साथ 67 खानों की पेशकश की है।

पिछले साल जून में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की, जिसके साथ निजी कंपनियों के लिए कोयला क्षेत्र खुल गया।

राजेश

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