देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय दिल्ली में घ्वस्तीकरण अभियान के खिलाफ फेरीवालों की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय फेरीवालों के संघ की उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया जिसमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के घ्वस्तीकरण अभियान के दौरान फेरी वालों की दुकानें और रेहड़ी-पटरी लगाने के स्थान भी ढहा दिए गए।

नयी दिल्ली, 20 जून उच्चतम न्यायालय फेरीवालों के संघ की उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया जिसमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के घ्वस्तीकरण अभियान के दौरान फेरी वालों की दुकानें और रेहड़ी-पटरी लगाने के स्थान भी ढहा दिए गए।

न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अवकाशकालीन पीठ ने संघ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस की दलीलों पर ध्यान दिया कि इस मुद्दे पर अन्य लंबित याचिकाओं के साथ इस याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है।

शीर्ष अदालत उत्तर प्रदेश के कानपुर और प्रयागराज में इमारतों को ध्वस्त किये जाने के खिलाफ मुस्लिम निकाय जमीयत उलमा-ए-हिंद द्वारा दायर याचिकाओं सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है।

मुस्लिम निकाय ने इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में इमारतों को गिराने के मुद्दे पर एक और याचिका दायर की थी।

इसके पहले न्यायालय ने 16 जून को उत्तर प्रदेश सरकार और उसके नगर निकायों, प्रयागराज और कानपुर, को उन दलीलों का जवाब देने के लिए कहा जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुस्लिम दंगों के आरोपियों के घरों को अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया गया था।

इसके साथ न्यायालय ने यह भी कहा था कि सब कुछ निष्पक्ष होना चाहिए और अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करना चाहिए।

एनडीएमसी ने 20 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया था और हनुमान जयंती पर इलाके में सांप्रदायिक झड़पों के कुछ ही दिनों बाद एक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया था। हालांकि इस ध्वस्तीकरण अभियान को उसी दिन शीर्ष अदालत ने रोक दिया था।

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