जरुरी जानकारी | अर्थव्यवस्था के खुलने की शुरुआत के साथ रुपया आठ पैसे चढ़ा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दो महीने के लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे खोले जाने की शुरुआत से उत्पन्न आशा तथा व्यापार से जुड़ी चिंताओं के आसान होने से सोमवार को अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपया आठ पैसे मजबूत हो गया।

मुंबई,एक जून दो महीने के लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे खोले जाने की शुरुआत से उत्पन्न आशा तथा व्यापार से जुड़ी चिंताओं के आसान होने से सोमवार को अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपया आठ पैसे मजबूत हो गया।

भारतीय मुद्रा की विनियम दर मजबूती के साथ 75.32 प्रति डॉलर पर खुली। कारोबार के दौरान इसमें 75.29-75.60 प्रति डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव रहा।

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समाप्ति पर विनिमय दर पिछले बंद के मुकाबले आठ पैसे मजबूती के साथ 75.54 रुपये प्रति डॉलर थी।

शुक्रवार को समाप्ति पर रुपया 75.62 प्रति डॉलर था।

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कारोबारियों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की शेयर बाजारों में लिवाली, अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की नरमी तथा घरेलू शेयर बाजारों की तेजी ने रुपये के प्रति निवेशकों की धारणा को मजबूती दी।

सरकार ने शनिवार को कहा कि दो महीने से अधिक के लॉकडाउन के बाद एक जून से चरणबद्ध तरीके से अर्थव्यवस्था को पुन: खोले जाने की शुरुआत होगी।

गृह मंत्रालय ने नये दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि अब पूर्ण लॉकडाउन 30 जून तक सिर्फ उन्हीं इलाकों में लागू रहेगा, जिन्हें संक्रमण के अधिक मामलों के कारण सील किया गया है।

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है।

इस बीच प्रमुख छह मुद्राओं पर आधारित डॉलर सूचकांक 0.37 प्रतिशत गिरकर 97.98 पर आ गया।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख (परामर्श) देवर्श वकील ने कहा, ‘‘दिन की बड़ी घटनाओं में एक यह भी रही कि 12 भारतीय बैंकों ने रुपये में विदेशी वायदा बाजारों एनडीएफ कारोबार शुरू कर दिया।’’ एनडीएफ में डिलिवरी नहीं देनी होती।

उन्होंने कहा कि यदि आने वाले समय में कारोबार घरेलू बाजारों की तरफ आता है तो इसका लाभ दिखने लगेगा।

रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों को विदेशी एनडीएफ बाजारों में कारोबार करने की अनुमति मार्च में दी थी। यह बदलाव एक जून से प्रभावी हुआ है।

कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के सुस्त आंकड़ों ने निवेशकों की धारणा पर कुछ प्रतिकूल असर डाला।

उल्लेखनीय है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या 1.90 लाख के करीब पहुंच गयी है। इस बीच 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर 11 साल के निचले स्तर 4.2 प्रतिशत पर आ गयी है।

सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड का वायदा 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38.10 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

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