विदेश की खबरें | इजराइल के वेस्ट बैंक में बस्तियों में रहने वालों की आबादी लगभग तीन प्रतिशत बढ़ी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

रविवार को बस्ती समर्थक समूह ‘वेस्ट बैंक जेविश पॉपुलेशन स्टेट्स.कॉम’ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 दिसंबर तक बस्ती में रहने वालों की आबादी बढ़कर 517,407 हो गई जो एक साल पहले 502,991 थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में बस्ती में रहने वालों की आबादी 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। पिछले साल यह 50 लाख का आंकड़ा पार कर गयी जो एक बड़ी संख्या थी।

इस साल की रिपोर्ट में आगामी वर्षों में ‘‘तेजी से वृद्धि’’ का अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल सात अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर हमास के हमले के कारण जारी गाजा में मौजूदा युद्ध ने उन इजराइलियों का विचार बदल दिया है जो पहले कब्जे वाली भूमि पर बस्ती-निर्माण का विरोध करते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘वेस्ट बैंक की यहूदी बस्ती के विरोध की दीवार में गंभीर दरारें पड़ गई हैं।’’

1967 के युद्ध में इजराइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी पर कब्जा कर लिया था। फलस्तीनी इन सभी तीनों क्षेत्रों को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में चाहते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय बड़े पैमाने पर इजराइल के बस्तियों के निर्माण और फलस्तीनियों द्वारा अपने राज्य के लिए मांगी गई भूमि पर कब्जा करके वहां शांति में बाधा उत्पन्न करने को अवैध मानता है।

इजराइल वेस्ट बैंक को ‘‘विवादित’’ क्षेत्र मानता है और कहता है कि क्षेत्र के भाग्य का फैसला बातचीत के आधार पर किया जाना चाहिए। अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने हाल में वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में चार बस्तियों पर प्रतिबंध लगाया है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगर पांच वर्षों में ऐसी ही वृद्धि दर जारी रही तो 2030 तक वेस्ट बैंक में बस्तियों में रहने वालों की आबादी 600,000 से अधिक हो जाएगी।

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