जरुरी जानकारी | जर्मन सरकार गैस आयातक कंपनी की मदद के लिए आगे आई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने शुक्रवार को इस गैस आयातक फर्म में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने की घोषणा करते हुए कहा कि यूनिपर को स्थिर करने के लिए ऐसा करना जरूरी था।

जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने शुक्रवार को इस गैस आयातक फर्म में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने की घोषणा करते हुए कहा कि यूनिपर को स्थिर करने के लिए ऐसा करना जरूरी था।

इस राहत पैकेज के तहत जर्मन सरकार कंपनी में 26.7 करोड़ यूरो की पूंजी डालेगी। इसके अलावा सरकारी निवेश बैंक केएफडब्ल्यू से भी उसे नौ अरब यूरो का ऋण दिया जाएगा।

रूस से प्राकृतिक गैस का आयात करने वाली सबसे बड़ी जर्मन फर्म यूनिपर ने दो हफ्ते पहले सरकार से राहत पैकेज देने की मांग की थी। प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों और रूस से आपूर्ति पर पड़ रहे असर से यूनिपर के कामकाज पर काफी असर पड़ा है।

यूनिपर रूसी गैस कंपनी गैजप्रॉम से गैस खरीदकर जर्मनी के उद्योगों, बिजली उत्पादकों और घरों तक पहुंचाती रही है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में गैजप्रॉम ने अपनी गैस आपूर्ति में भारी कटौती कर दी है जिससे यूनिपर को ऊंचे दाम पर दूसरी जगह से गैस खरीदनी पड़ी है।

जर्मन चांसलर ने कहा, "सरकार जर्मनी के लोगों और कंपनियों को ईंधन की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।" जर्मनी में आयात की जाने वाली करीब 60 प्रतिशत गैस यूनिपर के जरिये ही आती है।

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