देश की खबरें | न्यायालय के फैसले ने राज्यों के संघीय अधिकारों को बरकरार रखा : केरल के वित्त मंत्री

तिरुवनंतपुरम, 19 मई केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इसने राज्यों और लोगों के संघीय अधिकारों को बरकरार रखा है।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने आज अपने आदेश में कहा कि आयोग की सिफारिशें संघ और राज्यों के लिए बाध्य नहीं है लेकिन इसका प्रेरक मूल्य है क्योंकि देश में सहयोगी संघीय ढांचा है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के पास जीएसटी पर कानून बनाने की शक्तियां हैं लेकिन परिषद को एक व्यावहारिक समाधान प्राप्त करने के लिए सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए।

जीएसटी ढांचे के मुखर आलोचक बालगोपाल ने फैसले का स्वागत करते हुए सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि न्यायालय का फैसला ‘‘कराधान पर जीएसटी परिषद की शक्तियों और राज्य सरकारों के अधिकारों के संबंध में मील का पत्थर है।’’

बालगोपाल ने कहा, ‘‘अभी तक मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है। लेकिन खबरों से स्पष्ट है कि इस फैसले ने राज्यों और जनता के संघीय अधिकारों को बरकरार रखा है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी (माकपा) कभी भी जीएसटी के पक्ष में नहीं थे।

राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए माकपा नेता ने कहा कि उच्च सदन की प्रवर समिति का सदस्य होने के नाते उन्होंने जीएसटी विधेयक का अध्ययन किया है और उनके हिसाब से जीएसटी संघीय ढांचे पर हमला है।

मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘हमने हमेशा कहा है कि प्रतिनिधित्व के बगैर कोई कराधान नहीं होना चाहिए.....’’

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