देश की खबरें | अदालत ने आईएसआईएस के एक कथित सदस्य की याचिका पर तिहाड़ जेल के अधिकारियों से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 11 जून दिल्ली की एक अदालत ने आईएसआईएस के एक कथित सदस्य द्वारा दाखिल एक याचिका पर तिहाड़ जेल अधिकारियों से जवाब मांगा, जिसमें दावा किया गया था कि उसे वहां अन्य कैदियों ने पीटा था और उसे ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया था।

आरोपी राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से प्रेरित समूह का एक सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जो राजनीतिज्ञों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में आत्मघाती हमलों और श्रृंखलाबद्ध विस्फोट करने की साजिश रच रहा था।

विशेष न्यायाधीश परवीन सिंह ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर जफर की अर्जी पर 14 जून तक जवाब मांगा है। अदालत उसी दिन मामले की आगे की सुनवाई करेगी।

याचिका में कहा गया है कि आरोपी ने तिहाड़ जेल से फोन पर अपने पिता को इस घटना के बारे में बताया है। आरोपी के वकील एम एस खान ने दावा किया, ‘‘आरोपी को पीटा गया और कैदियों द्वारा ‘जय श्री राम’ जैसा धार्मिक नारा लगाने के लिए उसे मजबूर किया गया।’’

वकील कौसर खान द्वारा दाखिल याचिका में अनुरोध किया गया था कि ‘‘इस मामले को देखने के लिए जेल अधीक्षक को उचित निर्देश दिए जाएं।’’

एनआईए द्वारा दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते के समन्वय में दिल्ली में जाफराबाद, सीलमपुर में छह स्थानों और उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों पर छापेमारी के बाद, दिसंबर 2018 में आरोपी को नौ अन्य लोगों के गिरफ्तार किया गया था।

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